Facts in Hindi about James Webb Space Telescope – 20 रोचक तथ्य

Facts in Hindi about James Webb Space Telescope

नमस्कार दोस्तों, राधे-राधे, जय श्री राम दोस्तों James  Webb  Space Telescope(JWST) आजकल चर्चा में बहुत बना हुआ है, तो मैनें सोचा आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जाए।

James Webb Space Telescope एक वैज्ञानिक के नाम पर एक खगोलीय दूरबीन है जो अभी तक की सबसे बड़ी मानव रचना होगी। हमनें (JWST) के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित की है। उम्मीद है की यह जानकारी आपको जरूर पसंद आएगी।

दोस्तों मेरी आपसे बस एक ही विनती है कि आप हमारी Website के बारे में दूसरों को बताएं। उनको हम से अवगत कराएं ताकि वो भी रोचक तथ्य पढ़ सके।

James Webb Space Telescope in Hindi

James Webb Space Telescope facts in hindi | Image Credit : Nasa

1. Who is James Webb?

Image Credit: NASA.

James Edwin Webb का जन्म 7 अक्टूबर, 1906 को हुआ था। इनका जन्म उत्तरी कैरोलिना के ग्रानविले काउंटी के टैलीहो गांव में हुआ था। इनके पिता ग्रानविले काउंटी पब्लिक स्कूलों के अधीक्षक थे। वेब एक अमेरिकी सरकारी अधिकारी थे, जिन्होंने 1949-1952 तक राज्य के अवर सचिव के रूप में कार्य किया और 14 फरवरी, 1961 से 7, अक्टूबर, 1968 तक नासा के दुसरे नियुक्त प्रशासक भी थे।

2. James Webb Space Telescope.

James Webb Space Telescope. यह Hubble से बेहतर इन्फ्रारेड(अवरक्त) Resolution और संवेदनशीलता प्रदान करेगा और खगोल विज्ञान के क्षेत्रों में जाँच की एक विस्तृत श्रृंखला को सक्षम करेगा। इसको NASA/ESA/CSE Operat करेगी।

JWST पृथ्वी की कक्षा से परे लगभग 15,00,000km (9,30,000mile) पृथ्वी-सूर्य के L2(Lagrange Point) के पास संचालित होगा।

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इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम अवलोकन करने के लिए, JWST को 50K (-223°C; -370°F) के तापमान के नीचे रखा जाएगा अन्यथा दूरबीन से अवरक्त(Infrared) विकिरण स्वयं ही इसके उपकरणों को प्रभावित करेगा इसलिए यह सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा से प्रकाश और गर्मी को अवरुद्ध करने  लिए एक बड़े सनशील्ड(Sunshield) का उपयोग करेगा।

Image Credit: NASA.
 

JWST का ऑप्टिकल डिज़ाइन एक तीन-दर्पण एनास्टिग्मैट है, जो एक विस्तृत क्षेत्र में ऑप्टिकल विपथन से मुक्त छवियों को वितरित करने के लिए घुमावदार माध्यमिक और तृतीयक दर्पणों का उपयोग करता है। इसके अलावा, एक तेज Stearing Mirror है जो छवि स्थिरीकरण प्रदान करने के लिए प्रति सेकंड कई बार अपनी स्थिति को समायोजित कर सकता है।

इसकी Website है 👉 James Webb Space Telescope.

2.1 More information about James Webb Space Telescope

जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप(JWST) एक परिक्रमा करने वाली अवरक्त वेधशाला है जो हबल स्पेस टेलिस्कोप की खोजों को लम्बी Wavelength कवरेज और बहुत बेहतर संवेदनशीलता के साथ पूरक और विस्तारित करेगी।

2.1.1 JWST के लक्ष्य

• बिग बैंग के बाद बनी पहली आकाशगंगाओं या चमकदार वस्तुओं की खोज करना।

• यह निर्धारित करना कि उनके गठन से अबतक आकाशगंगाओं का विकास कैसे हुआ।

• पहले चरण से लेकर ग्रह प्रणालियों के निर्माण  सितारों के निर्माण का निरिक्षण करना।

• हमारे अपने सौरमंडल सहित ग्रह प्रणालियों के भौतिक और रासायनिक गुणों को मापें और उन प्रणालियों में जीवन की संभावना की जांच करना।

2.1.2 JWST के उपकरण

Near-Infrared Camera(NIRCam) – एरिज़ोना विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया गया।

Near-Infrared Spectrograph(NIRSpec) – ESA द्वारा प्रदान किया गया NASA/GSFC द्वारा प्रदान किये गए घटकों के साथ।

Mid Infrared Instrument(Miri) – यूरोपीय संघ द्वारा यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी(ESA) के साथ प्रदान किया गया और NASA के जेट प्रणोदन प्रयोगशाला(JPL) द्वारा प्रदान किया गया।

Fine Guidance Sensors/ Near-InfraRed Imager and Slitless Spectrograph(FGS/ NIRISS) – कनाड़ा की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रदान किया गया।

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2.1.3 प्रमुख नवाचार या आविष्कार

• Light Weight Cryogenic Mirror
• Sunsheild Coating
• Folding Segmented Mirror
• Infrared Detectors
• Cryogenic Atuatorics and Mirror Control
• Microshutters

3 James Webb Space Telescope Launch Date

इस टेलिस्कोप या मिशन को 25 दिसंबर 2021 को शुरू किया जाएगा।

“जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप एक अंतरराष्ट्रीय 21वीं सदी की अंतरिक्ष वेधशाला है जिसे 25 दिसंबर, 2021 को लॉन्च किया जाएगा।

इस वेब को फ्रेंच गुयाना(French Guianaसे एरियन 5 रॉकेट(Ariane 5 Rocket) से कक्षा में भेजा जाएगा।

Image Credit: NASA.
 

Fun Fact 👉 “एरियन 5 रॉकेट दुनिया के सबसे विश्वसनीय रॉकेटों में से एक है जो वेब को अंतरिक्ष में अपनी स्थिति तक पहुंचाने में सक्षम है।”

4 James Webb Space Telescope लॉन्च होने के कितने समय बाद चालू हो जाएगा?

लगभग 6 महीने

• James Webb Space Telescope को अंतरिक्ष में खोलना या कहें तो अपनी पहले वाली स्थिति में वपिस लाना सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। नासा अब तक का सबसे कठिन परिनियोजन(Deployment) करने का प्रयास करेगा।

• रॉकेट के लॉन्च होने के 30 मिनट बाद, संचार एन्टीना और इसे ऊर्जा प्रदान करने वाले सौर पैनल तैनात किए जाएंगे।

• इसके बाद Sunshield का खुलना शुरू होगा जो छठे दिन से शुरू होगा।

• चन्द्रमा को पार करने के बाद। इसकी पतली झिल्लियों को एक जटिल तंत्र द्वारा निर्देशित किया जाएगा जिसमें 400 पुली और 1,312 फीट केबल शामिल है।

• दूसरे सप्ताह के दौरान अंत में दर्पण के खुलने की बारी आएगी। एक बार इसके अंतिम चरण में, उपकरणों को ठंडा करने और जोड़ने की आवश्यकता होगी और दर्पणों को बहुत सटीक रूप से मिलाया जाएगा।

• फिर 6 महीने बाद टेलिस्कोप तैयार हो जाएगा।

“वेब अपनी कक्षा में पहुँचने के बाद विज्ञान और आशांकन परीक्षण से गुजरेगा, इसलिए नियमित विज्ञान सञ्चालन और सर्वोत्तम छवियाँ लॉन्च के लगभग छह महीने बाद आने लगेंगी।”

Image Credit: NASA.
 

5 James Webb Space Telescope vs Hubble Space Telescope

✔ अवलोकन

वेब को अक्सर Hubble Space Telescope का प्रतिस्थापन कहा जाता है।

• वेब मुख्य रूप से अवरक्त प्रकाश (Infrared) में ब्रह्माण्ड को देखेगा, जबकि मुख्य रूप से ऑप्टिकल और पराबैंगनी(Ultra Voilet) तरंगदैधर्य(Wavelength) पर ब्रह्माण्ड का अध्ययन करेगा।

• वेब में हबल की तुलना में बहुत बड़ा दर्पण भी है।

• वेब हबल की तुलना में समय के साथ अधिक भूतकाल के समय में देख सकता है।

• हबल पृथ्वी की चारों ओर बहुत करीब की कक्षा में है, जबकि वेब दुसरे लैंग्रेज(L2) बिंदु पर 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर होगा।

✔ तरंगदैधर्य(Wavelength)

▪ वेब मुख्य रूप से अवरक्त प्रकाश में निरिक्षण करेगा और इसमें खगोलीय पिण्डों की छवियों और स्पेक्ट्रा को पकड़ने के लिए चार वैज्ञानिक उपकरण होंगे। ये उपकरण 0.6 से 28 माइक्रोमीटर तक तरंगदैधर्य कवरेज प्रदान करेंगे।

▪ हबल के उपकरण अवरक्त(Infrared) स्पेक्ट्रम के एक छोटे से हिस्से को 0.8 से 2.5 माइक्रोन(8×10^-7 से 2.5×10^-6 मीटर) देख सकते हैं लेकिन इसकी प्राथमिक क्षमताएँ 0.1 से 0.8 माइक्रोन तक स्पेक्ट्रम के पराबैंगनी और दृश्य भागों में हैं।

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Q. अवरक्त प्रकाश का अवलोकन ही खगोल विज्ञान(Astronomy) के लिए महत्त्वपूर्ण क्यों है?

Ans. जो तारें और ग्रह अभी बन रहे हैं। वे धूल के कोकून के पीछे छिपे हुए हैं जो दृश्य प्रकाश(Visible Light) को अवशोषित करते हैं।

और इन क्षेत्रों के द्वारा जो अवरक्त प्रकाश(Infrared Light) उत्सर्जित होती है। इस धूल भरे कोकून(बादल) में अवरक्त प्रकाश प्रवेश करेगा और हमें दिखा सकता है कि अंदर क्या है।

✔ आकार तुलना

◉ दर्पण का आकार

• वेब में लगभग 6.5 मीटर व्यास(Diameter) का प्राथमिक दर्पण(Primery mirror) होगा, जो इसे अंतरिक्ष दूरबीनों की वर्तमान पीढ़ी पर उपलब्ध दर्पणों की तुलना में काफी बड़ा संग्रह क्षेत्र प्रदान करता है।

• हबल का दर्पण व्यास में बहुत छोटा है इसका व्यास 2.4 मीटर है और इसका संग्रहण क्षेत्र 4.5 वर्गमीटर है, जो वेब को लगभग 6.25 गुणा अधिक संग्रहण क्षेत्र देता है।

Image Credit: NASA.
 

◉ वजन में तुलना

• वेब का द्रव्यमान लगभग 6,500Kg होगा, जिसका वजन पृथ्वी पर 14,300lb के लगभग है(अंतरिक्ष में सब कुछ भारहीन है) जो हबल के द्रव्यमान से थोड़ा अधिक है।

• हबल का वजन प्रक्षेपण के समय लगभग 24,000lb पॉउन्ड था लेकिन अगर आज पृथ्वी पर लौटा तो उसका वजन लगभग 27,000lb होगा – जो दो पूर्ण विकसित अफ्रीकी हाथियों के बराबर है।

◉ परिक्रमा

• हबल स्पेस टेलिस्कोप पृथ्वी के चारों ओर – 570k.m. की ऊंचाई पर परिक्रमा करता है।

• वेब वास्तव में पृथ्वी की परिक्रमा नहीं करेगा – इसके बजाय यह पृथ्वी सूर्य के L2 बिंदु (Legrange Point) पर, 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित होगा।

जैसे पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, वेब भी उसके साथ ही परिक्रमा करेगा।

Image Credit: NASA.
 

6. James Webb Space Telescope की कुल लागत।

• जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप(JWST) की कुल लागत $10 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानि की 73,616 करोड़ रुपए हैं।
• यह लागत इस साल के दिल्ली के बजट से 4 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। दिल्ली सरकार का इस साल का बजट 69 हजार करोड़ का है।
• दुनिया का पहला अंतरिक्ष  दूरबीन अंततः 24 अप्रैल, 1990 को अंतरिक्ष यान “Discovery” में प्रक्षेपित हुआ था। इस प्रयास में $1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्चा आया था।

7. James Webb Space Telescope किस तत्त्व से बना है।

क्या आपने यह सोचा है कि जेम्स वेब किस तत्त्व से बना है?
आप उसके दर्पण को देखकर यही बोलेंगे की सोने(Gold) से….
लेकिन क्या आपको पता है कि सोना तो सिर्फ उसकी सतह पर है बाकी का दर्पण जिस तत्त्व से बना है, उसे कहते हैं “Beryllium“।

Image Credit: NASA.

Q.1 Nasa के James Webb Telescope में Beryllium के दर्पण (Mirror) ही क्यों है?

Ans. इंजीनियरों द्वारा Beryllium को चुने जाने के 3 प्रमुख कारण हैं।

[1]. हल्का वजन

यह बहुत ही हल्का है। यह धातुओं में दूसरी सबसे हल्की धातु है। Beryllium, Aluminum के वजन का दो-तिहाई है।

[2]. मजबूती

यह हल्का होने के साथ-साथ मजबूत भी है। बेरिलियम स्टील की तुलना में छह गुणा सख्त है।

[3]. आयामी स्थिरता

यह तापमान के उच्च स्तर पर भी अपना आकार बनाए रख सकता है और यह ठण्ड में विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है इसीलिए टेलिस्कोप को ठंडा रखने की जरुरत है।

Image Credit: NASA.
 
सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह हल्का है और रॉकेट में हर एक पाउंड के लिए बहुत अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है और इसके हल्के वजन से वास्तव में काफी बचत होगी।

8. James Webb Space Telescope किस कक्षा में चक्कर लगाएगा?

• वैसे तो हम यह काफी बार बता चुके हैं लेकिन हमनें सारे सवालों का जवाब देने का सोचा है तो हम आपको बता दे की जेम्स वेब पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर L2 बिंदु पर स्थित होकर सूर्य की परिक्रमा करेगा न की पृथ्वी की।

Image Credit: NASA.

9. James Webb Space Telescope के बारे में रोचक तथ्य {Facts in Hindi}।

तो चलिए अब समय आ गया है कुछ रोचक तथ्य जानने का।

• यह एक शक्तिशाली टाइम मशीन की तरह काम करेगा – क्योंकि यह उस प्रकाश को पकड़ लेगा जो 13.5 अरब वर्षों से अंतरिक्ष में यात्रा कर रहा है।

• जेम्स वेब का न्यूनतम तापमान (आतंरिक परत) -235° सेल्सियस (-390° फारेनहाइट) और अधिकतम तापमान (बाहरी परत) 125° सेल्सियस (260° फारेनहाइट) है।

Images Credit: NASA.
 

• James Webb Telescope को जिस समय अवधि का पता लगाने के लिए Design किया गया है उसे “Eooch of Reionization” कहा जाता है।

• James Webb Space Telescope इतना शक्तिशाली है कि यह हमारे अपने सौर मंडल के अंदर चीजों को देखने के अलावा, Webb हमें अन्य सितारों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के वायुमंडल के बारे में और बताएगा और शायद ब्रह्माण्ड में कहीं और जीवन के निर्माण खंड भी ढूंढेगा।

• वेब की गर्मी को संरक्षित करने के लिए या कहें तो कम करने के लिए, इसमें एक Sunshield है जो एक टेनिस कोर्ट के आकार की है।Sunshield अंतरिक्ष यान के गरम ओर ठंडे हिस्से के बीच के तापमान की लगभग 600° फारेनहाइट तक कम कर देता है।

Facts in Hindi | रोचक तथ्य |
Image Credit: NASA.

• वेब का प्राथमिक दर्पण 18-खंड वाला है। यह हबल से 100 गुना अधिक शक्तिशाली है।

James Webb Space Telescope के हर दर्पण का एक नाम है जोकि आप इस फोटो में देख सकते हो। Image Credit: NASA

• वेब के 18 प्राथमिक दर्पण खंडों में से प्रत्येक को एक विशाल दर्पण के रूप में काम करने के लिए व्यक्तिगत रूप से समायोजित किया जा सकता है। वेब के दर्पण गोल्फ की गेंद के बराबर सोने से ढके हैं, जो अवरक्त प्रकाश को प्रतिबिंबित करने के लिए उन्हें अनुकूलित करता है।

Image Credit: NASA

• सोने की यह परत इतनी पतली है कि मानव बाल भी 1,000 गुण मोटा है।

Image Credit: NASA

• NASA के अनुसार, James Webb Space Telescope चार मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा: ब्रह्माण्ड में पहला प्रकाश, प्रारम्भिक ब्रह्माण्ड में आकाशगंगाओं का संयोजन, सितारों और प्रोटोप्लानेटरी सिस्टम का जन्म और ग्रह(जीवन की उत्पत्ति सहित)।

• वेब इतना ज्यादा संवेदनशील(Sensitive) है कि यह लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर एक अमेरिकी पैसे के आकार का विवरण दिखा सकता है।

• इस टेलिस्कोप की अच्छी बात यह है की इसको हबल टेलिस्कोप की तरह रिपेयर करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इसकी रिपेयरिंग और अपग्रेडेशन जमीन पर बैठे ऑब्जरवेटरी से पांच बार कि जा सकेगी।

• James Webb के हर Mirror पर 48.2 ग्राम की सोने की परत है।

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• इस टेलिस्कोप से हमारे सौर मंडल में मंगल और यूरोपा, बृहस्पति के बर्फीले चन्द्रमा के करीब अवलोकन की भी योजना बनाई गई है।

• इस टेलिस्कोप का कॉन्सेप्ट 30 साल पहले आया था।

• वह प्रक्रिया जिसके द्वारा सोने की परत चढ़ाई जाती है, निर्वात्त वाष्प निक्षेपण कहलाती है।

• जेम्स वेब के दर्पण पर जो सोना है वह सीधे अंतरिक्ष के संपर्क में नहीं आएगा: यह अनाकार सिलिकॉन डाइऑक्साइड कांच की एक पतली परत से लेपित है।

• जेम्स वेब टेलिस्कोप बहुत बड़ा है इसलिए इसे मोड़कर रखा जाएगा और इसे Origami Style में रखा जाएगा मतलब कि टेलिस्कोप को जिस तरह से राकेट में रखा जाएगा उसे “Origami Style” कहेंगे।

Image Credits: NASA

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• 1980 के दशक के अंत तक, Webb सिर्फ एक विचार से विकसित हुआ था।

• इस Space Telescope को पहले “Next Generation Space Telescope” के रूप में जाना जाता था लेकिन सितम्बर 2002 में इसका नाम बदलकर “James Webb Space Telescope” कर दिया गया।

• इस Space Telescope के नाम से हर कोई खुश नहीं है। आलोचकों द्वारा एक Online याचिका की स्थापना की गयी थी। जिसमें NASA से टेलिस्कोप का नाम बदलने का आग्रह किया गया था क्योंकि दावा किया गया था कि James Edwin Webb अपने कार्यकाल के दौरान समलैंगिक(Gay) और समलैंगिक(Lesbian) नासा के कर्मचारी के साथ भेदभाव में शामिल थे लेकिन नासा ने तब से कहा है कि वह शिकायतों के बावजूद Telescope का नाम नहीं बदलेंगे।

• इसको बनाने में 14 देशों और 29 से अधिक अमेरिकी राज्यों के 1,200 से अधिक वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों ने Webb के Design और निर्माण में भाग लिया है। यह पूरी परियोजना NASA और यूरोपीय और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच का एक संयुक्त मिशन है।

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तो दोस्तों यह थी James Webb Space Telescope की जानकारी और कुछ रोचक तथ्य। मैनें अपनी तरफ से पूरी जानकारी आपको दे दी है मुझे लगता भी है की यह आपको जरूर पसंद आई होगी और अच्छा लगा हो तो इसको अपने मित्रों, परिवार के सदस्यों सभी के साथ साँझा करें ताकि उन्हें भी ये सब रोचक तथ्य और जानकारी मिल सके और अपने ज्ञान में वृद्धि करें।

यह Telescope भविष्य को सच में बदल देगा। | Facts in Hindi | रोचक तथ्य | Image Credit: NASA.

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अंत तक हमारी पोस्ट को पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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